बैंक में ₹50 लाख होना कुछ नहीं, असली दौलत है मानसिक शांति: CA नितिन कौशिक ने बताया असली ‘Wealth’ का राज
नई दिल्ली: आजकल लोग सोशल मीडिया पर अपनी दौलत का दिखावा करते हैं और इसे ही असली अमीरी मानते हैं। लेकिन चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन कौशिक का मानना है कि असली दौलत सिर्फ पैसों में नहीं, बल्कि मन की शांति और समझदारी में है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स में बताया कि ₹50 लाख बैंक में होने से अगर चैन की नींद नहीं आती, तो वह पैसा असली अमीरी नहीं है।
🏦 असली अमीरी का मतलब
नितिन कौशिक के अनुसार, असली दौलत वह है जो आपको सुकून और मानसिक आजादी देती है। उनके लिए 'Financial freedom = Mental freedom'। यानी पैसे की आजादी ही दिमाग की आजादी है।
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अपनी वित्तीय जीत का दिखावा नहीं करतेकौशिक कहते हैं, “असली निवेशक कंपाउंडिंग को बोलने देते हैं, कैप्शन को नहीं।” यानी सफलता खुद बोलती है, दिखावे की जरूरत नहीं।
अपने वित्तीय मानकों को सही ठहराते नहीं हैंउन्हें किस...







