भारत-रूस का बड़ा सौदा: अमेरिका के प्रतिबंधों के बावजूद दोगुनी हुई क्रूड लोडिंग, चीन-तुर्की को भी बढ़ी सप्लाई
नई दिल्ली: रूस से भारत को कच्चे तेल की सप्लाई में हाल के दिनों में तेजी आई है। नवंबर के पहले पखवाड़े में इसमें गिरावट आई थी, लेकिन बाद में लोडिंग लगभग दोगुनी हो गई। यह संकेत है कि रूस ने अमेरिका के प्रतिबंधों के बावजूद नई लॉजिस्टिक रणनीतियों के जरिए भारत के भरोसे को कायम रखा है।
ईटी की रिपोर्ट और Kpler के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में भारत के लिए रूसी बंदरगाहों से क्रूड की लोडिंग औसतन 1.27 मिलियन बैरल प्रति दिन (एमबीडी) रही। यह महीने के पहले 17 दिनों में 672,000 बैरल के मुकाबले दोगुनी है। हालांकि अक्टूबर के 1.84 एमबीडी और अप्रैल-सितंबर के 1.7 एमबीडी औसत से यह कम है।
अमेरिका ने रूस की कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध:अमेरिका ने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगाए थे, ताकि रूस की यूक्रेन युद्ध को फंड करने की क्षमता कमजोर हो सके। इसके बावजूद भारत ने पहले ही बड़े सौद...









